Chapter 3 Computer Input/ Output Devices

    

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By:- Dr kuldeep Kumar

Chapter - 3  Computer Input/ Output Device



1. Input Device(इनपुट डिवाइस):-

कंप्यूटर के वह उपकरण (Hardwre Device) होते हैं जो कंप्यूटर को कमांड (input) देने के काम आते हैं अगर आप कंप्यूटर से कोई काम लेना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको कंप्यूटर को कंप्यूटर Input डिवाइस के माध्यम से इनपुट देना होगा

 

कंप्यूटर में मुख्यतः तीन प्रकार के इनपुट डिवाइस होते हैं :-

 

1. Text Input Device( टेक्स्ट इनपुट डिवाइस) - Keyboard

2. Point and Draw Device(पॉइंट एंडड्रा डिवाइस ) - Mouse, Trackball, Joystick, Light Pen

3. Direct Data Input Device(डायरेक्ट डाटा इनपुट डिवाइस)- MICR, OCR ,OMR, BCR.

 

1. Keyboard(Text input Devices)(कीबोर्ड):-

Full form OF KEYBOARD

K – Keys
E – Electronic
Y – Yet
B – Board
O – Operating
A – A to Z
R – Response
D – Directly

Keyboard(कीबोर्ड) एक टेक्स्ट इनपुट (Text Input) डिवाइस है जिस के माध्यम से हम कंप्यूटर में टेक्स्ट,  सिंबल्स, नंबर (Text, Number, Symbol) इत्यादि डाटा टाइप करके कंप्यूटर को इनपुट दे सकते हैं  keyboard  का  हिंदी  में  अर्थ  होता  है ( कुंजीपटल ) इसका अविष्कार क्रिस्टोफर लेथेम सोलेजने किया था।



Types of Keys in a Keyboard (कुंजी (Keys) केप्रकार); 

कीबोर्ड पर कुंजियों को पाँच अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जा सकता है.

1.  Alphanumeric Keyboard(अल्फ़ान्यूमेरिक कुंजी):-

    जिसमें अक्षर (Text), संख्या(Number), विरामचिह्न और गणितीय प्रतीक(Symbols) शामिल हैं 

2. Numeric Keys(संख्यात्मककुंजी ):- यह Keyboard के दायीं ओर स्थित होता है। सभी संख्यात्मक (Numeric)     कुंजियों की व्यवस्था कैलकुलेटर (Calculator) के समान होती है जो मुख्य रूप से  Numeric डेटा Entry  के         लिए उपयोग की जाती हैं  (सभी कीबोर्ड में संख्यात्मक कीपैड (Numeric Keypad) नहीं है ).

3.  Cursor Keys(कर्सर):-

      जो Navigations (नेविगेशन) (Left, Right,Top, Bottom) के लिए उपयोग की जाती हैं.

4.     Control Keys(नियंत्रणकुंजियाँ):- Control Keys का उपयोग विभिन्न कार्य करने के लिए किया जाता है             नियंत्रण कुंजियों के उदाहरण हैंControl keys also include Home, End, Insert, Delete, Page Up,         Page Down, Control(Ctrl), Alternate(Alt), Escape(Esc). इन कुंजियों का उपयोग अकेले (indivisual)     या अन्य फ़ंक्शन कुंजियों (Other Functions Keys) के साथ किया जाता है।

5. Function Keys(फ़ंक्शन कुंजियाँ):-

यह Keyboard के शीर्ष पर स्थित है, कुल 12 फ़ंक्शन keys हैं और विशिष्ट कार्यों को करने के लिए उपयोग की जाती हैं, जैसे F1, F2, F3, F4, F5, F6, F7, F8, F9, F10, F11, F12 जोकि Active Application (एक्टिवएप्लीकेशन) और ऑपरेटिंगसिस्टम (OS)  के आधार पर अधिक कठोर क्रियाएं करने के लिए प्रोग्राम की जाती हैं

 

 

Types of Keyboard Layoust(कीबोर्ड के लेआउट के प्रकार) :-

मुख्यतः कंप्यूटर कीबोर्ड की लेआउट तीन प्रकार की होती है

1.    Q-W-E-R-T-Y

2.    A-Z-E-R-T-Y

3.    D-V-O-R-A-K

 

1. QWERTY कीबोर्ड:-

 

अगर Keyboard के Letter Keys को देखें और ऊपर बाईं ओर से पढ़ना शुरू करें, यह इस तरह से शुरू होता है: Q – W – E – R – T – Y,  इसे QWERTY नाम से भी जाना जाता है.

 

2. AZERTY  कीबोर्ड


अगर Keyboard के Letter Keys को देखें और ऊपर बाईं ओर से पढ़ना शुरू करें,  यह इस तरह से शुरू होता है A-Z-E-R-T-Y इसे AZERTY नाम से भी जाना जाता है. 

 

3. DVORAK कीबोर्ड

2. Point and Draw Device -

पॉइंट-एंड-ड्रा डिवाइस एक प्रकार का इनपुट डिवाइस है जो स्क्रीनपर (ICON)आइकन को point करने और चुनने में मदद करता है।कुछ सबसे Basic  Point और Draw डिवाइस हैं। Mouse, Trackball, Joystick, Light Pen(माउस, ट्रैकबॉल, जॉयस्टिक, लाइटपेन) और टचस्क्रीन सबसे लोकप्रिय पॉइंट-एंड-ड्राडिवाइस के उदाहरण हैं।

 

1. Mouse:-

माउस को शुरू में  (XY पोजिशन इंडिकेटर) के रूप में जाना जाता था और  Mouse आविष्कार डगलस एंगेलबार्ट ने 1963 में  किया था।

 

कंप्यूटर माउस एक हैंडहेल्ड input  डिवाइस है जो कंप्यूटर पर आइकन (icon), टेक्स्ट (text), files and folders को point करने, स्थानांतरित (Move)करने और चुनने(Select )के लिए एक GUI (ग्राफिकल यूजर इंटरफेस) में एक ग्राफिकल कर्सर को control करता है। इन कार्यों के अलावा, माउस का उपयोग picture , selected data को ड्रैग-एंड-ड्रॉप करने के लिए भी किया जाता है

माउस में मुख्यतः ऊपर की साइड तीन बटन होते हैं

 

1. Right Click (राइट क्लिक )

2. Left-click

3. Scroll Button (स्क्रोल बटन)

         

                  

2. Trackball :-

ट्रैकबॉल कंप्यूटर में इस्तेमाल की जाने वाली एक (Point and Draw) इनपुट डिवाइस हैंजोकि एक माउस की तरह दिखने वाला डिवाइस है जिसका इस्तेमाल कंप्यूटर स्क्रीन पर कर्सर को Control करने के लिए किया जाता है.ट्रैकबॉल का आविष्कार 1946 में Ralph Benjamin ने किया था.

Trackball (ट्रैकबॉल) में दो बटन लगे होते हैं जिसके द्वारा कंप्यूटर स्क्रीन से किसी भी Object को Select कर सकते हैं. विशेष प्रकार के गेम खेलने में ट्रैकबॉल का इस्तेमाल किया जाता है.

 

3. Joystick:-

Joystick एक(Point and Draw)इनपुट डिवाइस है जिसका उपयोग कंप्यूटर में Graphical कर्सर को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है । जॉयस्टिक पर Attach Stick को घुमाकर पॉइंटर/कर्सर की गति को नियंत्रित किया जाता है । Joystick का उपयोग ज्यादातर गेमिंग (Games)के लिए किया जाता है।

4. Light pen:-


लाइट पेन (LightPen) एक इनपुट डिवाइस है यह बिल्कुल Pen की तरह ही होता है लाइट पेन को डायरेक्ट कंप्यूटर स्क्रीन पर चलाया जाता है जिससे     स्क्रीन के पॉइंट को एक्टिव कर सकते हैं मतलब स्क्रीन पर किसी भी ऑब्जेक्ट को सेलेक्ट किया जा सकता है और उसको Move भी किया जा सकता है लाइट पेन Text एडिटिंग के लिए भी USE हो सकता है लाइट पेन के माध्यम से हम स्क्रीन पर किसी भी ICON, Files and Folders को Open कर सकते हैं और क्लोज भी कर सकते हैं लाइट पेन को यूज करने के लिए अलग से किसी  Software को install करने की जरूरत नहीं पड़ती

 

लाइट पेन का आविष्कार Ben Gurly ने किया

 

 

3. Direct Data Input Device (DDE)डायरेक्ट डेटा एंट्री डिवाइस:-

 

डायरेक्ट डाटा एंट्री डिवाइस कंप्यूटर के इनपुट डिवाइस होते हैं जिनके माध्यम से हम कंप्यूटर में कोई भी डाटा या इंफॉर्मेशन जैसे की बारकोट्स(BarCodes) को बिना टाइप (type) किए कंप्यूटर में स्टोर कर सकते हैं जैसे स्कैनर (Scanners- OMR ,BCR , MICR).

 

स्कैनर (Scanners):-

एक ऐसा डायरेक्ट डाटा एंट्री डिवाइस है जिससे कोई भी डाटा जैसे टेक्स्ट(Text), इमेज(Image)को Digitalform में डायरेक्टली कंप्यूटर में स्टोर कर सकते हैं

 

स्केनर के प्रकार (Types of Scanner):-

स्केनर मुख्यतःदो प्रकार के होते हैं

1. Flatbed Scanner(फ्लैट बैड स्कैनर ):-

2.  Hand- Held Scanner(हैंड हेल्ड स्कैनर)

I)                  MICR

II)               OCR

III)            OMR

IV)            BCR

 

 

2. Flatbed Scanner(फ्लैट बैड स्कैनर ):-

फ्लैट बैड स्कैनर एक (डायरेक्ट डाटा एंट्री) इनपुट डिवाइस है जो कि फोटोस्टेट मशीन जैसा दिखता है इस में एक ग्लासप्लेट होती है जिसके ऊपर कोई भी इमेज या पेपर हम उल्टा रख देते हैं और इसके ऊपर एक ढक्कन होता है उसको ढक देते हैं और Scanner के स्कैन बटन को दबा देते हैं जिससे पेपर पर जो भी टेक्स्ट इमेज या Figures हैं वह कंप्यूटर में डिजिटल Form में स्टोर हो जाते हैं फ्लैट बीएड स्कैनर का सर्वाधिक प्रयोग किया जाता है इसका प्रयोग फोटो , पेपर, किताबों को स्कैन करने के लिए किया जाता है


1. Hand- Held Scanner(हैंड हेल्ड स्कैनर):-

i)      BCR- Bar Code Reader(बार कोड रीडर:-):-

जब आप मार्केट में कोई खाद्य सामग्री या अन्य प्रोडक्ट लेने जाते हो तो आपने प्रोडक्ट की पैकिंग पर कुछ लाइन देखी होंगी उन लाइन को बारकोड बोलते हैं बारकोड पर उस प्रोडक्ट की सारी जानकारी इन लाइनों में होती है जैसे कि प्रोडक्ट आईडी प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरर का नाम इत्यादि इन बारकोड को रीड करने के लिए एक स्पेशल स्कैनर का यूज किया जाता है जो कि हैंड हेल्ड स्कैनर होता है जिसे हम (BCR) बार कोड रीडर बोलते हैं


II). MICR- Magnetic Ink Character Recognition :-

मैग्नेटिक इंक करेक्टर रिकॉग्निशन का उपयोग बैंकिंग इंडस्ट्री में किया जाता है क्योंकि बैंक में प्रतिदिन हजारों की संख्या में चेक्स(Checks) प्रोसेस किए जाते हैं चेक्स पर लिखी इंफॉर्मेशन को कंप्यूटर में अगर मैनुअली फील्ड किया जाए तो बहुत ज्यादा समय लग जाता है परंतु चेक पर लिखें मैग्नेटिक इंक करैक्टर में उस चेक की सारी इनफार्मेशन उन करेक्टर्स में होती है अगर मैग्नेटिक इंक कैरक्टर रीडर का यूज़ किया जाए तो उन करैक्टर को (MICR Scanner) एम आई सी आर द्वारा स्कैन करके डायरेक्ट कंप्यूटर में इंफॉर्मेशन फील्ड की जा सकती है जिससे बैंकिंग का कार्य फास्ट हो जाता है  

 

        

   

III). OCR :- Optical Character Recognition:-

 

ऑप्टिकल कैरक्टर रिकॉग्निशन एक ऐसा डायरेक्ट डाटा एंट्री  input डिवाइस है जिसके माध्यम से हम किसी पेपर पर लिखे हुए टेक्स्ट(Text) को स्कैन करके डिजिटल फॉर्म में बदल लेते हैं और इसके बाद इसमें एडिटिंग कर सकते हैं उदाहरण के लिए आप अगर किसी न्यूज़पेपर को ऑप्टिकल कैरक्टर रिकॉग्निशन से स्कैन कर लेते हैं तो उसका डाटा इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में कंप्यूटर में एडिटेबल फोम (Editable Form) में सेव हो जाता है   फिर उसी डाटा पर हम जैसे टाइप किए हुए डाटा पर काम कर सकते हैं ठीक वैसे ही  Scan किए हुए डाटा data पर भी एडिटिंग कर सकते हैं


iv). OMR (Optical Mark Reader):- ऑप्टिकल मार्क रीडर (डायरेक्ट डाटा )इनपुट डिवाइस है यह पेपर पर बने आयताकार या Circle Shape को रीड करने की क्षमता रखता है यह ओएमआर शीट को रीड करने के काम आता है उदाहरण जब हम कोई कंपटीशन का एग्जाम देने जाते हैं तो वहां पर हमें आंसर(answare) फिल करने के लिए ओएमआर(OMR) शीट मिलती है हम उस ओ एम आर सीट में अपने आंसर(answare) फील करने के लिए Circle Shape को  पेन से या पेंसिल से डार्क करते हैं फिर उस सीट को चेक करने के लिए ऑप्टिकल मार्क रीडर डिवाइस में डाला जाता है ऑप्टिकल मार्क रीडर उस ओएमआर शीट को उसे fill किए हुए shapes को रीड आउट करता है और हमारा रिजल्ट निकाल लिया जाता है अतः हम कह सकते हैं ऑप्टिकल मार्क रीडर कंपटीशन टेस्ट के आंसर शीट को चेक करने के लिए यूज किया जाता है

Output Device:-

 कंप्यूटर आउटपुट डिवाइस कंप्यूटर के वह हार्डवेयर डिवाइस होते हैं जिनके माध्यम से कंप्यूटर द्वारा जनरेट की गई इंफॉर्मेशन को दिखाया जाता है कंप्यूटर द्वारा जनरेटर जेनरेटे आउटपुट सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी दोनों फॉर्म में हो सकती है

1.      Soft Copy (सॉफ्ट कॉपी) Output Device

2.      Hard Copy (हार्ड कॉपी) Output Devie

1.     Soft Copy (सॉफ्ट कॉपी) Output Device:-

सॉफ्ट कॉपी आउटपुट  वह  आउटपुट होती है जो सिर्फ दिखाई देती है जिसको हम छू  नहीं कर सकते जैसे कि वीडियोस , ऑडियो ( मॉनिटर और स्पीकर) ऐसे आउटपुट डिवाइस हैं जिनके माध्यम से हम सॉफ्ट कॉपी आउटपुट ले सकते हैं

Soft Copy Output Device:-

1.      CRT

2.      Flat- Panel Display

3.      DVST

1.  CRT- Cathode Ray Tube (कैथोड-रे ट्यूब)):-

सीआरटी एक डिस्प्ले डिवाइस है जो कि कंप्यूटर द्वारा उत्पादित आउटपुट को सॉफ्ट कॉपी रूप में दिखाता है यह टेलीविजन की तरह दिखने वाला डिवाइस है इसमें कैथोड-रे के माध्यम से Glass स्क्रीन पर डिस्प्ले दिखाया जाता है सीआरटी मुख्यतः तीन प्रकार की होती है

 

·         Scanning Based( स्कैनिंग के आधार पर)

          Raster Scan(रेखापुंज स्कैन)

          Random Scan रैंडम स्कैन)

·         Color Based (कलर के आधार पर)

          Beam- Penetration CRT(बीम- प्रवेश)

          Shadow Mask CRT(छाया मुखौटा सीआरटी)

·         DVST –Direct View Storage Tube  (मोनोक्रोम) (Black & White)

 

     कैथोड-रे ट्यूब 1897 में स्ट्रासबर्ग के(Ferdinand Braun) फर्डिनेंड ब्रौन द्वारा विकसित किया गया था

2.       Flat- panel display:-

फ्लैट पैनल डिस्पले बहुत ही पतली  Output Screen होती है जैसे कि आपकी मोबाइल की स्क्रीन, आपकी घड़ी की स्क्रीन पहले कंप्यूटर डिस्प्ले के लिए मॉनिटर्स का यूज किया जाता था जैसे सीआरटी(CRT) परंतु अब फ्लैट पैनल डिस्पले जैसे की एलसीडी(LCD), एलईडी(LED) का प्रयोग किया जाता है फ्लैट पैनल डिस्पले Weight में बहुत हल्के और साइज में बहुत ही पतली होते हैं इसलिए फ्लैट पैनल डिस्पले को की तरह घड़ी की तरह दीवार पर भी लटकाया जाता है

i) LCD-Liquid Crystal Display( लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले )

ii) LED – Light Emmiting Diodes (लाइट एमिटिंग डायोड)

 

3.     DVST – Direct View Storage Tube:-

डीवीएसटी डिस्प्ले एक सीआरटी(CRT) का ही टाइप है है जो  शॉपकॉपी (Softcopy) आउटपुट डिस्प्ले डिवाइस होता है यह (Black & white Display )ब्लैक एंड वाइट डिस्प्ले डिवाइस होता है इसको हम मोनोक्रोम डिस्प्ले डिवाइस भी बोलते हैं

 

4.     Hard Copy (हार्ड कॉपी) Output Devie:-

हार्ड कॉपी आउटपुट वह आउटपुट होती है जिसको हम छू सकते हैं देख भी सकते हैं जैसे पेपर पर लिया गया प्रिंट एक हार्ड कॉपी आउटपुट का उदाहरण है. Printer और Plotter हार्ड कॉपी आउटपुट डिवाइस है

    

Printer:- प्रिंटर एक हार्ड कॉपी आउटपुट डिवाइस है जिसके द्वारा हम कंप्यूटर मैं स्टोर डाटा को पेपर पर प्रिंट ले सकते हैं प्रिंटर के द्वारा टेक्स्ट डाटा(Text Data),  पिक्चर(Pictures), ग्राफिक्स(Graphics) पेपर पर प्रिंट लिया जा सकता है

प्रिंटर मुख्यतः दो प्रकार का होता है

1. Impact Printer (इंपैक्ट प्रिंटर)

2. Non- Impact (नॉन- इंपैक्ट प्रिंटर)

 

1. Impact Printer (इंपैक्ट प्रिंटर):-

 इंपैक्ट प्रिंटर प्रिंटर होता है जो प्रिंट करते समय आवाज ज्यादा करता है और यह एक टाइपराइटर की तरह स्ट्राइकिंग करके प्रिंट करता है जिसमें एक इंक रिबन पर हमर  स्ट्राइक करता है और प्रिंटिंग होती है डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर और ड्रम प्रिंटर इंपैक्ट प्रिंटर के उदाहरण है

 

 

i)          Dot-matrix Printer(डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर):-

ii)       Drum Printer(ड्रम प्रिंटर):-

 

i)  Dot-matrix Printer(डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर):-

डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर एक हार्ड कॉपी आउटपुट डिवाइस है जो पेपर पर डॉट फॉर्मेट में प्रिंटिंग करता है यह प्रिंटर टेक्स्ट, पिक्चर, फिगर इत्यादि को डॉटेड फॉर्मेट में ही प्रिंट करता है


      

 

ii).Drum Printer(ड्रम प्रिंटर):-

ड्रम प्रिंटर एक हार्ड कॉपी आउटपुट डिवाइस है और यह इंपैक्ट प्रिंटर है इस प्रिंटर से पेज पर  करैक्टर, नंबर, सिंबल प्रिंट कर सकते हैं अगर हम इसकी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी की बात करें तो इसमें एक सॉलिड सिलैंडरिकल ड्रम होता है  उस ड्रम पर करैक्टर, सिंबल, और नंबर्स की बेल्ट लगी होती हैं यह ड्रम तेज गति से रोटेट करता है ड्रम की हर बेल्ट के सामने Hammar लगे होते हैं हमर लगे जब भी किसी करैक्टर को प्रिंट करना हो तेज गति से चल रहे धर्म के सामने वह करैक्टर जब आता है तो hammar Strike करता है ।

ड्रम प्रिंटर एक लाइन प्रिंटर है लाइन प्रिंटर का मतलब एक ही समय में एक पूरी लाइन प्रिंट करने की क्षमता रखता है   इसकी 300 से 2000 Line प्रति मिनट  Printing Speed होता है।



2. Non- Impact (नॉन- इंपैक्ट प्रिंटर):-

नॉन इंपैक्ट प्रिंटर जो आवाज भी कम करता है और जिसमें स्ट्राइकिंग नहीं होती जैसे कि लेजर प्रिंटर, इंकजेट प्रिंटर नॉन-इंपैक्ट प्रिंटर के उदाहरण है

i)      Laser printer (लेजर प्रिंटर)

ii)    Inkjet printer(इंकजेट प्रिंटर)


i)       Laser printer (लेजर प्रिंटर):-

लेजर प्रिंटर एक फोटो स्टेट मशीन की तरह होता है यह एक हार्ड कॉपी और पुट डिवाइस है और सबसे ज्यादा फास्ट प्रिंटिंग डिवाइस है लेजर प्रिंटर से हाई क्वालिटी पिक्चर, फिगर किसी भी प्रकार का डाटा प्रिंट किया जा सकता है लेजर प्रिंटर की प्रिंटिंग कार्यप्रणाली के बारे में बात करें तो इसमें एक लेजर बीम(Leaser Beam) को कांच पर डाला जाता है और उसी लेजर बीम को कांच के बाद डायरेक्ट एक Drum पर ट्रांसफर किया जाता है और उस  Drum पर उस लेजर बीम से करैक्टर लेटर और सिंबल बन जाते हैं Drum रोटेट करता है Drum के ऊपर इंक डाली जाती है रोटेट करता है आगे Drum पर  लिखे हुए Chacacter, सिंबल, टेक्स्ट पेज पर प्रिंट हो जाते हैं 1 मिनट में लेजर प्रिंटर 437 पेज  प्रिंट हो जाते हैं   



ii)    Inkjet Printer:-  ink जेट प्रिंटर एक हार्ड कॉपी आउटपुट डिवाइस है यह स्मॉल बिजनेसेस और घरों में ज्यादातर यूज किया जाता है यह प्रिंटर डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर के मेकैनिज्म पर ही कार्य करता है परंतु इसमें कुछ नोजल होती हैं जिसमें इंक होती है और नोजल के पीछे आईसी लगी होती है आईसी (IC) अलग-अलग नोजल एक को वेपराइज करती हैं और पेपर पर टेक्स्ट (Text), नंबर(Number) या कोई पिक्चर का पैटर्न बनाती है इंकजेट प्रिंटर एक कैरेक्टर प्रिंटर है क्योंकि एक समय में सिर्फ एक ही करैक्टर है प्रिंट करने की क्षमता रखता है

 


Plotter :- प्लॉटर एक प्रिंटर की तरह हार्ड कॉपी और output डिवाइस है यह हाई क्वालिटी ग्राफिक्स को बड़े-बड़े पोस्टर पर प्रिंट करने के काम आता है जैसे हाईवे डिजाइन, बड़ी बड़ी बिल्डिंग डिजाइन को प्लॉटर द्वारा बड़ी-बड़ी सीट पर प्रिंट कर लिया जाता है प्लॉटर साइज में प्रिंटर की तुलना में  बहुत बड़ा होता है प्लॉटर द्वारा चार्ट ज, रेखा चित्र, ड्रॉइंग आदि को बड़ी-बड़ी सीट पर हार्ड कॉपी के रूप में प्रिंट किया जाता है प्लॉटर का आविष्कार  रेमिंगटन रैड(Remington Rad)  द्वारा 1953 में किया गया

फ्लोटर मुख्यतः दो प्रकार का होता है

1. ड्रम प्लॉटर (Drum Plotter)

2.फ्लैट बेड प्रोटर(Flat-Bed Plotter)

 

1. ड्रम प्लॉटर (Drum Plotter) :-

ड्रम प्लॉटर एक हार्ड कॉपी आउटपुट डिवाइस है जिसके द्वारा बड़ी-बड़ी सीट पर बड़े-बड़े ग्राफिक्स प्रिंट किए जाते हैं जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है ड्रम प्लॉटर में Sloid  ड्रम होता है जो रोटेट करता है घूमता है ड्रम के ऊपर  Page सेट कर दिया जाता है और Page के ऊपर बहुत सारे कलरफुल Pen  लगे होते हैं पेन की मूवमेंट होरिजेंटल(Horizental) डिजाइन तैयार करती है और ड्रम की मोमेंट वर्टिकल(Vertical) डिजाइन तैयार करती है और दोनों( Pen or Drum) एक साथ मूव करते हैं तो डायग्नल(Diagnal) डिजाइन तैयार होता है

2.फ्लैट बेड प्रोटर (Flat-Bed Plotter):-

फ्लैट बेड प्लॉटर को हम टेबल प्लॉटर भी बोलते हैं क्योंकि यह एक 20 से 50 फुट के साइज की टेबल ही होती है जिसके ऊपर पेपर सेट किया होता है और उस टेबल के चारों तरफ pen लगाए जाते हैं जो पेज पर होरिजेंटल (Horizental), वर्टिकल(Vertical) और डायग्नल(Diagnal) मूवमेंट करते हैं Pen मल्टी कलर होते हैं ताकि मल्टी कलर डिजाइन प्लॉटर से तैयार किया जा सके



 


 

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