Chapter 4 Computer Memory (कंप्यूटर मेमोरी और स्टोरेज ) - Th
The Computer Diary
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By:- Dr kuldeep Kumar
Chapter 4
Computer Memory
https://youtu.be/RlxEU0U3hxo
List
of Topics
1. What is Computer Memory ? Classification of Computer
Memory
2. Primary Memory Types of Primary Memory
3. Cache Memory.
4. Secondary Memroy
5. Virtual Memroy
6. Flash Memory
1. Computer Memory (कंप्यूटर मेमोरी और स्टोरेज) :-
कंप्यूटर मेमोरी कंप्यूटर का वह स्थान है जहां पर निर्देश(instruction) और डाटा(Data) को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में स्टोर करके रखा जाता है जिस प्रकार इंसान की यादाश्त होती है और वहां वह अपनी सारी इनफार्मेशन याद रखता है उसी प्रकार कंप्यूटर में कंप्यूटर मेमोरी होती है जिसमें सारी इनफार्मेशन स्टोर करके रखी जाती है कंप्यूटर मेमोरी में Store इंफॉर्मेशन को तत्काल भी यूज़ किया जा सकता है और बाद में भी Stored डाटा को कभी भी यूज़ किया जा सकता है
कंप्यूटर मेमोरी बेसिकली दो प्रकार की होती है
1.
प्राइमरी मेमोरी(Primary Memory) :- जिस मेमोरी में कंप्यूटर तत्काल (Current) काम कर रहा होता है वह प्राइमरी मेमोरी होती है
2.
सेकेंडरी मेमोरी (Secoundary Memory):- और जब डाटा सेव कर दिया जाता है तो वह सेकेंडरी मेमोरी में
चला जाता है
1. प्राइमरी मेमोरी(Primary Memory) :-
“यह स्टोरेज है जिसे सीपीयू सीधे एक्सेस कर सकता है।”
प्राइमरी मेमोरी कम्प्यूटर की Main मेमोरी है जो मदरबोर्ड(Motherboard )में CPU से लगी हुई होती है | सीपीयू के प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक सभी Data and information प्राइमरी मेमोरी में स्टोर होती है | यह कंप्यूटर की इंटरनल मेमोरी है | Primary Memory की स्टोरेज क्षमता Secoundary Memory से बहुत कम तथा साइज में छोटी होती है जिससे डेटा को ढूंढ़ने में काफी कम समय लगता है इसलिए यह सेकेंडरी मेमोरी से काफी ज्यादा Fastहोती है |
Primary Memory दो प्रकार की होती है: -
प्राइमरी मेमोरी मुख्य रूप से दो प्रकार के होते है -:
1. RAM (Random Access Memory):-
रैंडम एक्सेस मेमोरी (RAM), सीपीयू द्वारा सीधे एक्सेस की जाने वाली एक main memory है।
RAM में संग्रहीत सभी डेटा को किसी भी समय randomly पढ़ा या एक्सेस किया जा सकता है। इसे temporary memory या
cache memory भी कहा जाता है।
यह एक Volatile memory है इसका मतलब रैम में डेटा अस्थाई रूप से स्टोर होती है |
Volatile का मतलब, RAM में जो डेटा
होता है वो केवल तब तक रहता है जब तक कंप्यूटर Start रहता है, जैसे ही
कंप्यूटर Shutdown होता है
प्राइमरी मेमोरी में स्टोर डेटा` भी नष्ट हो जाता है | अन्य memory की तुलना में RAM में read/write का कार्य काफी फ़ास्ट होता है।
कंप्यूटर की performance मुख्य रूप से Ram की
स्टोरेज क्षमता और साइज पर निर्भर करता है। यदि operating system और
Appliction सॉफ्टवेयर प्रोग्राम को चलाने के लिए पर्याप्त RAM नहीं है, तो कंप्यूटर धीमी गति से Work (Processing) करेगा
RAM दो प्रकार की होती है
1. Static RAM (SRAM)- स्टेटिक रैम
2. Dynamic RAM (DRAM)- डायनामिक रैम
1. SRAM- Static Random Access Memory -स्टेटिक रैंडम एक्सेस मेमोरी
SRAM का मतलब स्टेटिक रैंडम एक्सेस मेमोरी है। इस प्रकार की RAM को DRAM के रूप में बार-बार रिचार्ज या रिफ्रेश करने की आवश्यकता नहीं होती है डेटा को छह ट्रांजिस्टर मेमोरी सेल की स्थिति का उपयोग करके संग्रहीत किया जाता है। स्टेटिक रैम का उपयोग ज्यादातर प्रोसेसर (सीपीयू) के लिए कैश मेमोरी के रूप में किया जाता है।
2. DRAM- Dynamic Random Access
Memory- डायनेमिक रैंडम एक्सेस
DRAM एक प्रकार की रैंडम एक्सेस मेमोरी है जो समय-समय पर खुद को
(Refersh )रिफ्रेश करती है।इस प्रकार की RAM बार-बार रिचार्ज या रिफ्रेश करने की आवश्यकता
होती है यह एक प्रकार की रैम है जो आपको प्रत्येक बिट डेटा को एक IC- Integrated Circuit के भीतर एक अलग capacitor में संग्रहीत करने की अनुमति देती है।
ROM (Read Only Memory):-
जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है Read Only Memory जिसमे स्टोर Data और information को केवल Read किया जा सकता है उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता |ROM
जिसको CPU द्वारा सीधे एक्सेस किया जाता है। ROM एक ऐसा मेमोरी है जिसका उपयोग Device निर्माता द्वारा चिप के अंदर किसी information को स्थायी रूप से स्टोर करने के लिए किया जाता है | यह एक “Non-Volatile Memory है जिसमे Stored Data और instructions सिस्टम बंद होने पर भी नष्ट नहीं होती |
ROM के अंदर ऐसी इंस्ट्रक्शंस या प्रोग्राम स्टोर किए होते हैं जो कि कंप्यूटर को स्टार्ट करने के लिए या फिर बूटिंग के लिए जरूरी होते हैं वो सभी Instructions कंप्यूटर निर्माता द्वारा ROM में स्टोर किया जाता है |
Computer
और अन्य इलेक्ट्रॉनिक devices जैसे
टैबलेट,Smart Phone, टीवी, एसी आदि पर स्थायी रूप से Store डेटा भी ROM का एक उदाहरण है।
Types of ROM -(Read Only Memory के विभिन्न प्रकार )
1. PROM - Programable Read Only Memory
2. MPROM - Manufacturer Programable Read Only Memory
3. UPROM- User Programable Read Only
Memory
4. EPROM - Earseabe Programable Read
Only Memory
5. EEPROM- Electrically Earseable Programable Read Only
Memory
6. UVEPROM- Ultra Violet Earseable Programable Read Only Memory
1. PROM
Programmable Read Only
Memory Memory Chip में
data एक बार Write किया जाता हैं. जो हमेशा Store रहता हैं PROM में Data Write करने के लिए special device का इस्तेमाल किया जाता हैं. प्रक्रिया को PROM Burning कहा जाता है.
2. MPROM
MPROM का पूरा नाम Manufacturer Programabe Read Only Memory होता हैं. इसे Manufactures द्वारा डिवाइस में ही Programed किया जाता हैं. MPROM अन्य ROMs की तुलना में low cost और less space में ज्यादा डाटा स्टोर करने की क्षमता प्रदान करती हैं.
3. UPROM
MROM का पूरा नाम User Programabe Read Only Memory होता हैं. इसे user द्वारा डिवाइस में ही Programed किया जाता हैं.
4. EPROM
Erasable Programmable Read Only Memory जैसा इसके नाम से स्पष्ट होता हैं. इस ROM में उपलब्ध डाटा को Erase यानि मिटाया भी जा सकता है. डाटा को मिटाने के लिए special device का इस्तेमाल किया जाता है.
1. EEPROM
Erasable Programmable Read Only Memory जैसा इसके नाम से स्पष्ट होता हैं. इस ROM में उपलब्ध डाटा को Erase यानि मिटाया भी जा सकता है. डाटा को मिटाने के लिए Electrical Charge का इस्तेमाल किया जाता है.
2. UVEPROM
Erasable Programmable Read Only Memory जैसा इसके नाम से स्पष्ट होता हैं. इस ROM में उपलब्ध डाटा को Erase यानि मिटाया भी जा सकता है. डाटा को मिटाने के लिए Ultra Violet का इस्तेमाल किया जाता है.
Cache Memory(कैश मैमोरी):-
Cache Memory एक छोटे आकार की volatile कंप्यूटर मेमोरी है मेमोरी का एक अस्थायी भंडारण, यह कंप्यूटर में सबसे तेज मेमोरी है, और आमतौर पर मदरबोर्ड पर
होती है जो एक प्रोसेसर को हाई-स्पीड डेटा एक्सेस प्रदान करती है और Processor दोबारा अक्सर उपयोग किए जाने वाले कंप्यूटर प्रोग्राम, एप्लिकेशन और डेटा को Store करती है।
Cache Memory सीधे प्रोसेसर या मुख्य रैंडम एक्सेस मेमोरी (रैम) में एम्बेडेड होती है।
सेकेंडरी मेमोरी(Non- Volatile) नॉन वोलेटाइल मेमोरी होती है नॉन वोलेटाइल का मतलब लाइट जाने पर भी डाटा सेव(Save) रहता है यूज़र कंप्यूटर में डाटा और इंफॉर्मेशन जब टाइप कर रहा होता है तो वह प्राइमरी मेमोरी में होता है परंतु जब उस डांटा को वह सेव (Save) करता है तो वह सेकेंडरी(Secoundary) मेमोरी में चला जाता है सीपीयू डायरेक्ट सेकेंडरी मेमोरी से डाटा नहीं उठा सकता इसलिए सेकेंडरी से प्राइमरी में जाता है और प्राइमरी से CPU डायरेक्ट एक्सेस करता है सेकेंडरी मेमोरी प्राइमरी मेमोरी से सस्ती होती है और साइज में भी बड़ी होती है
Secoundary Memory( सेकेंडरी मेमोरी )मुख्यतः दो प्रकार की होती है:-
1. Sequencial Access Memory (सीक्वेंशियल एक्सेस मेमोरी )
2. Direct Access Memory(डायरेक्ट एक्सेस मेमोरी )
1.
Sequencial Access Memory (सीक्वेंशियल एक्सेस मेमोरी ):-
सीक्वेंशियल एक्सेस मेमोरी वह मेमोरी होती है जिस में डाटा को उसी(Sequence) सीक्वेंस में रीड(Read) किया जा सकता है जिस
सिक्वेंस में स्टोर किया हो दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि डाटा या इंफॉर्मेशन जो सीक्वेंशियल मेमोरी में स्टोर है वह रेंडमली(Randomly) रीड नहीं किया जा सकता( एक के बाद एक लगातार) ही रीड किया जा सकता है सीक्वेंशियल एक्सेस मेमोरी का उदाहरण (Magnetic Tape )मैग्नेटिक टेप है
Magnetic Tape:-
मैग्नेटिक टेप सीक्वेंशियल एक्सेस(Sequencial
Access) सेकेंडरी स्टोरेज मीडियम है जिसमें डेटा जिस सीक्वेंस(sequence) में डाटा स्टोर किया हो उसी सीक्वेंस(Sequence) में डाटा को रीड(Read) किया जा सकता है यह एक प्लास्टिक रिबन होता है जो 1/2 या 1.4 इंच चौड़ा होता है और इसकी लंबाई 50 से 2400 फिट हो सकती है मैग्नेटिक टेप का प्लास्टिक रिबन दोनों साइड से रिकॉर्डिंग मटेरियल जैसे कि (Iron Oxide)आयरन ऑक्साइड से कोड(Coat) किया होता है Magnetic Tape में डाटा स्टोर करने के लिए
Magnetic Tape को दो भागों में डिवाइड किया जाता है
1. फ्रेम्स(Frames)
2. ट्रैक(Tracks)
2.
Direct Access
Memory( डायरेक्ट एक्सेस मेमोरी ):-
डायरेक्ट एक्सेस मेमोरी जिसमें डाटा इनफार्मेशन को रेंडमली रीड(Ramdomly Read) किया जा सकता है ना कि मैग्नेटिक टेप की तरह सीक्वेंस(sequence) में Read किया जाए मैग्नेटिक डिस्क(Maganetic
Disk) डायरेक्ट एक्सेस सेकेंडरी स्टोरेज का उदाहरण है
1. Magnetic Disk(चुंबकीय डिस्क):-
चुंबकीय डिस्क एक डायरेक्ट एक्सेस सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस है जिसमें डेटा को रेंडमली एक्सेस किया जा सकता है मैग्नेटिक डिस्क वास्तव में एक सर्कुलर(Circular) पतली प्लेट होती है जिसको दोनों साइड से आयरन ऑक्साइड(Iron Oxide) से कोर्ट किया होता है यह प्लास्टिक और मेटल के मिश्रण से बनी होती है
Storage Structure(स्टोरेज स्ट्रक्चर) of magnaetic Disk:-
मैग्नेटिक डिस्क के सरफेस को सर्कल्स(Circules) में डिवाइड किया जाता है जिन्हें हम ट्रैक्स (Tracks) बोलते हैं बाद में ट्रैक्स को सेक्टर(Sectors) में डिवाइड किया जाता है मैग्नेटिक डिस्क का प्रयोग हार्ड डिक्स(Hard Disk) में फ्लॉपी डिस्क(Floppy Disk) किया जाता है
2. Optical Disk:-
There are three basic types of Optical Disk
1. CD- Compact Disk
2. DVD- Digital Versatile Disk
3. Blu-Ray Disk
(ए) कॉम्पैक्ट डिस्क (CD) - यह चुंबकीय (Magnetic)रूपों में डेटा Store करने के लिए उपयोग किया जाने वाला storage है जिसमें 700 MB में आता है। 1982 से उपलब्ध है।
(बी) डिजिटल वर्सेटाइल डिस्क (DVD) - यह चुंबकीय(Manetic) रूपों में डेटा Store करने के लिए उपयोग किया जाने वाला Storage है 1995 से उपलब्ध है।
(सी) ब्लू-रे-डिस्क -(Blu- Ray
Disk):- यह चुंबकीय (Magnetic) रूपों में डेटा स्टोर करने के लिए उपयोग किया जाने वाला स्टोरेज है जो एक परत(Sinlge layer) में 25 GB डेटा Store करता है और ड्यूल-लेयर(Double Layer) में 50 GB आता है। 2006 से उपलब्ध है।
Virtual
Memroy (वर्चुअल मेमोरी ):-
सेकेंडरी मेमोरी का कुछ हिस्सा अगर प्राइमरी मेमोरी की तरह कार्य करें तो उस सेकेंडरी मेमोरी के हिस्से को हम वर्चुअल मेमोरी बोलते हैं
Virtual
Memroy (वर्चुअल मेमोरी )कंप्यूटर सिस्टम के सेकेंडरी मेमोरी स्टोरेज स्पेस जैसे हार्ड डिस्क(Hard Disk) का एक क्षेत्र है जो इस तरह कार्य करता है जैसे कि यह सिस्टम की रैम (RAM) या प्राइमरी मेमोरी(Main Memory) का हिस्सा हो।
Flash
Memory:-
यह एक Non-Volatile Memory है, जिसका अर्थ है कि यह बिना बिजली की आपूर्ति के डेटा को बनाए रख सकता है। फ्लैश मेमोरी को विद्युत रूप(electrically ) से मिटाया जा सकता है और पुन: प्रोग्राम किया जा सकता है फ्लैश मेमोरी का उपयोग अक्सर उन प्रणालियों में किया जाता है जो अक्सर डेटा को फिर से लिखते हैं, जैसे कि USB या S D कार्ड।
फ्लैश मेमोरी EEPROM का एक रूपांतर है, जिनमें से एक उनके read, write और Stored डेटा को मिटाने की प्रक्रिया है। फ्लैश मेमोरी Byte स्तर पर भी पढ़ और लिख सकती है, लेकिन केवल Block स्तर पर डेटा मिटा सकती है।
Types
of Flash Memory
1.
Multi-Media
Card (MMC) - ये कार्ड डिजिटल जानकारी जैसे Text,Picture,audio और video को स्टोर
करते हैं।
2.
Solid State
Drive सॉलिड-स्टेट ड्राइव (SSD) - कंप्यूटर
या वीडियो गेम कंसोल जैसे उपकरणों में उपयोग की जाने वाली memory हैं।
3.
BIOS चिप - बेसिक इनपुट / आउटपुट सिस्टम - कंप्यूटर के मदरबोर्ड (Motherboard)पर स्थित एक small Memory Chip है जो
निर्देशों को Store करती है ताकि कंप्यूटर Booting और Keyboard Control जैसे important कार्य कर
सके।
4.
USB Flash
Drive(Pen Drive) –
पेन ड्राइव एक सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस है जो कि एक एक्सटर्नल(external) हार्डवेयर डिवाइस माना जाता है पेन ड्राइव में हर टाइप का डाटा जैसे टेक्स्ट(Text) पिक्चर्स(Picures), वीडियोस(Vidoes), ऑडियो(Audio) इत्यादि Sote करके बैकअप के तौर पर रख सकते हैं और एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में डाटा ट्रांसफर करने के लिए पेनड्राइव का प्रयोग किया जाता है
M-System एम-सिस्टम कंपनी द्वारा फ्लैश ड्राइव बनाया गया पेन ड्राइव को बनाने वाले का नाम Dov Maron है जोकि एम-सिस्टम कंपनी में काम करते थे पेन ड्राइव मार्केट में अलग-अलग मेमोरी कैपेसिटी के साथ उपलब्ध है जैसे कि 8MB 16 एमबी 32 एमबी 64mb इत्यादि विभिन्न कंपनियों द्वारा विभिन्न प्रकार की डिजाइन में पेनड्राइव मार्केट में अवेलेबल है पेनड्राइव का उपयोग वीडियो गेम ,डिजिटल म्यूजिक प्लेयर, मोबाइल फोन जैसे उपकरणों में किया जाता है
पैन ड्राइव(Pen
Drive) को हिंदी में “स्मृति शालिका” कहते है.
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