Chapter 1. What is computer and block Diagram of Computer

  The Computer Diary

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By:- Dr kuldeep Kumar

 Chapter 1.  Introduction of Computer




List of Topics : -

1. कंप्यूटर की परिभाषा( Definition of Computer)
2. डिजिटल कंप्यूटर का ब्लॉकडायग्राम (Block Diagram of Computer)
3. कंप्यूटर की विशेषताएं (Characteristics of Computer)
4. कंप्यूटर के उपयोग (Uses of Computer)
5. कम्प्यूटर का वर्गीकरण(Classifications of Computer):-

1. कंप्यूटरकीपरिभाषा( Definition of Computer)

"हम सभी लोग कंप्यूटर का अपने दैनिक जीवन में बहुत ज्यादा उपयोग करते हैं कंप्यूटर शब्द लैटिन भाषा शब्द "Compute" से लिया गया है जिसका अर्थ गणना करने योग्य मशीनहै

 

कंप्यूटर एक बिजली से चलने वाला उपकरण है इसलिए इसे इलेक्ट्रॉनिक (electronic) डिवाइस भी बोलते हैं जो बहुत ही फास्ट कार्य करता है यूजर्स  (users) मतलब हम लोग कंप्यूटर को इनपुट देते हैं कंप्यूटर इनपुट को प्रोसेस कर के हमें आउटपुट प्रदान करता है

कंप्यूटर की कार्यप्रणाली (Working Process of Computer):-

 

1.              Input Devices  जैसे कि keyboard, Mouse, Scanner के द्वारा कंप्यूटर को  इनपुट दी जाती है                              Computer Data को input के रूप में स्वीकार कर Store करता है

2.        दी गई इनपुट पर कंप्यूटर प्रोसेसिंग( Processing) करता है 

3.        कंप्यूटर द्वारा प्रोसेस किए हुए डाटा को आउटपुट डिवाइस जैसे कि    Monitor ,Speaker ,Printer                         द्वारा यूजर को प्रोवाइड करवाया जाता है


कंप्यूटर सिस्टम एक ऐसा उपकरण है जो दो भागों में विभाजित किया गया है

1. हार्डवेयर -Hardware

2. सॉफ्टवेयर-Software

 

1. हार्डवेयर -Hardware: 

कंप्यूटर के फिजिकल पार्ट्स या कॉम्पोनेंट्स जिनको हम छू सकते हैं और जो हमें दिखाई भी देते हैं जैसे कि मॉनिटर, स्पीकर, प्रिंटर, सीपीयू, मेमोरी, इत्यादि कंप्यूटर के हार्डवेयर कहलाते हैं

यह दो प्रकार के होते है

i) External Hardware(Monitor,keyboard,Mouse)

ii)Internal Hardware(Micro-processor,Motherboard


2. सॉफ्टवेयर-Software:-

बहुत सारी कमांड्स को अगर इकट्ठा कर लिया जाए तो वह एक प्रोग्राम (program) बन जाता है और बहुत सारे प्रोग्राम्स को इकट्ठा कर लिया जाए तो वह एक software बन जाता है

 

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के प्रोग्राम होते हैं जो कि कंप्यूटर हार्डवेयर की सहायता से चलते हैं जिनको हम छू नहीं सकते परंतु हम उन्हें (GUI) ग्राफिकल यूजर इंटरफेस दोबारा सिर्फ देख सकते हैं

Software like:- Operating system, Translators,MS-Office,Payroll software etc

 

2. डिजिटल कंप्यूटर का ब्लॉकडायग्राम (Block Diargam of  Digital Computer)


हम किसी भी मशीन या सिस्टम के मुख्य भागों तथा उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों को ब्लॉकडायग्राम के द्वारा प्रदर्शित करते हैं

 

कंप्यूटर का ब्लॉकडायग्राम कंप्यूटर की कार्य प्रणाली को दर्शाता है यह कंप्यूटर की इंटरनल वर्किंग को एक डायग्राम द्वारा प्रदर्शित करता है

 

कंप्यूटर ब्लॉकडायग्राम की मदद से हम कंप्यूटर सिस्टम के कार्यप्रणाली को आसानी से समझ सकते हैं कंप्यूटर को मुख्यतःतीन भागों में ब्लॉकडायग्राम द्वारा दर्शाया गया है

 


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पहला भाग (First Unit):- इनपुट डिवाइस(keyboard, Mouse, Scanner)

 

दूसरा भाग (Second Unit):- प्रोसेस(CPU- Central Processing Unit)

 

तीसरा भाग (Third Unit):-आउटपुट डिवाइस (Printer, Monitor, Speakers)

 

1. Input Unit (इनपुट ):-इनपुट डिवाइस के माध्यम से हम कंप्यूटर को निर्देश देतेहैं

इनपुट डिवाइस मुख्यतःतीन कार्य करता है

i) इनपुट डिवाइस यूजर से इनपुट लेताहै

ii) ली गई इनपुट को कंप्यूटर समझ सके ऐसे signals में बदलता हैअर्थात  Binary language(0,1) या मशीन भाषा में बदलता है

iii) सी पी यू को signals प्रोवाइड कराता है ताकि उस पर प्रोसेसिंग हो सके

 

कुछ इनपुट डिवाइस जैसे कीबोर्ड, माउस , स्केनर (keyboard, Mouse, Scanner,light pen)इत्यादि है

 

2. Process(CPU- Central Processing Unit) :-

सी पी यू को कंप्यूटर का  (Brain) दिमाग भी कहा जाता है सी पी यू एक प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोचिप होती है सी पी यू इनपुट डिवाइस द्वारा दिए गए निर्देशों को ग्रहण करके useful information में बदलता है अर्थात हल करता है सी पी यू (CPU )के मुख्यतः 3 भाग होते हैं

          

1. ALU- Arithematic Logic Unit (अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट)

2. CU- Control Unit(कंट्रोल यूनिट)

3. MU- Memory Unit (मेमोरी यूनिट)

 

1. ALU- Arithematic Logic Unit (अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट):-ए एल यू कंप्यूटर का महत्वपूर्ण भाग है जो कि कंप्यूटर में गणना और कई तरह के ऑपरेशन परफॉर्म करने के लिए उपयुक्त होता है जैसे किअर्थमैटिक ऑपरेशन (+,*,-,/) और लॉजिकल ऑपरेशन(>,<,<=,>=)

 

2. CU-ControlUnit(कंट्रोलयूनिट):कंट्रोल यूनिट जो सभी कंप्यूटर के कॉम्पोनेंट की गतिविधियों को कंट्रोल करता है तथा उनके बीच सामंजस्य स्थापित करता है कंट्रोल यूनिट को कंप्यूटर का ऑपरेटिंग सिस्टम भी कहा जाता है कंट्रोल यूनिट, कंप्यूटर से जुड़े हुए कई तरह के डिवाइस जैसेकि कीबोर्ड (keyboard), माउस (Mouse), मॉनिटर(Monitor), प्रिंटर(Printer), स्केनर(Scanner), मैग्नेटिकडिस्क(Magnetic Disk) आदि के कार्यों को भी नियंत्रित करता है और सभी डिवाइस के बीच में तालमेल बिठाए रखता है औरउन्हें बताता है कैसे कार्य करना है कब कार्य करना है

 

3.MU-Memory Unit (मेमोरीयूनिट):- कंप्यूटर मेमोरी कंप्यूटर का वह स्थान है जहां पर डाटा और इंफॉर्मेशन को store करके रखा जाता है ताकि उसका अभी यूज किया जा सके और फ्यूचर में भी यूज़ किया जा सके, कंप्यूटर मेमोरी मुख्यतःदो भागों में विभाजित की गई है

1. Primary Memory (प्राइमरी मेमोरी)

2. Secondary Memory (सेकेंडरी मेमोरी)

कंप्यूटर मेमोरी कैलकुलेशन, इंटरमीडिएट रिजल्ट, फाइनल रिजल्ट को स्टोर कर के रखती है

3. Output Unit: :- सी पी यू द्वारा प्रोसेस किए गए डाटा तथा निर्देशों को आउटपुट यूनिट के द्वारा प्रदर्शित किया जाता हैआउटपुट डिवाइस मुख्यतःतीन कार्य करता है

i)  आउटपुट डिवाइस सी पी यू द्वारा प्रोसेस किए हुए डाटा को ग्रहण करता है

Ii) सी पी यू द्वारा प्राप्त इंफॉर्मेशन को user  के समझने योग्य भाषा में बदलता है

Iii) आउटपुट डिवाइस जैसे कि मॉनिटर, प्रिंटर आदि के द्वारा यूजर को इंफॉर्मेशन प्रोवाइड कराता है

कुछ आउटपुट डिवाइस जैसे(Monitor, Printer, speakers,  Plotters) इत्यादि है आउटपुट डिवाइस हमें दो प्रकार की आउटपुट प्रदान कर सकता है

1.      Softcopyआउटपुट:  Monitor, Speakers के द्वारा ले सकते हैं

2.     Hardcopy(हार्डकॉपी)आउटपुट: Printer, Plotters के द्वारा ले सकते हैं


3.   कंप्यूटर की विशेषताएं(Characteristics of Computer):-

1. Automatic Machine कंप्यूटर एक ऑटोमेटिक मशीन है जो एक बार स्टार्ट करने पर अपने आप कार्य करता है

2 High Speed ( तीव्रगति ) –कंप्यूटर एक ऐसा डिवाइस है जो बहुत ही तेज गति से प्रोसेसिंग करता है यह सारी गणना माइक्रोसेकंड नैनोसेकंड और इकोसेकंड में करता है

3.  Large Storage(क्षमता) –कंप्यूटर की डाटा स्टोर करने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है यह एक इंसान की तुलना में अधिक से अधिक डाटा स्टोर कर सकता है मतलब याद रख सकता है और यह हर प्रकार का डाटा जैसे ऑडियो(audio), वीडियो(Video), टेक्स्ट(text), एनिमेशन(animation), पिक्चर्स(pictures) को स्टोर कर के रख सकता है

4.  Accuracy (शुद्धता )  – कंप्यूटर high speed और large storage कैपेसिटी के साथ-साथ accuracy के साथ भी कार्य करता है Accuracy का मतलब यह सटीक कार्य करता है और 100 % एक्यूरेट रिजल्ट प्रोवाइड करवाता है यह कोई भी मशीनी गलती नहीं करता.

5. Diligence(लगातारसहीकार्यकरना) कंप्यूटर लगातार बिना किसी गलती के और हाईस्पीड के साथ कार्य कर सकता है बिना किसी बड़बड़ाहट के और बिना थके इस की इस विशेषता को डिलिजेंससी कहा जाताहै 

6.Versatile Machine(कई कार्य करने की क्षमता):-कंप्यूटर एक वर्सेटाइल मशीन है वर्सेटाइल का मतलब एक ही कंप्यूटर अलग-अलग तरह के कार्य को कर पाना एक ही कंप्यूटर से आप मूवीस देख सकते हैं वीडियो गेम चला सकते हैं बैंकिंग का कार्य कर सकते हैं रिजर्वेशन कर सकते हैं कहने का तात्पर्य है कि एक ही कंप्यूटर से अलग अलग तरह का कार्य हम करवा सकते हैं इस की इस विशेषता को वर्सेटाइल कहा जाता है

7 .Emotionless(भावना और बुद्धिरहित) –कंप्यूटर मनुष्यों की तरह महसूस नहीं कर सकता अनुभव और ज्ञान के अनुसार कोई निर्णय नहीं ले सकता यह मनुष्य की के द्वारा संचालित किया जाता है खुद से कोई भी डिसीजन नहीं ले सकता इस लिए इसे हम इमोशन लेस भी कहते हैं

 

8. Dependency(निर्रता)  –कंप्यूटर एक डिपेंडेंट मशीन है जो सिर्फ प्रोग्रामर के इंस्ट्रक्शंस के अनुसार ही कार्य करता हैयह खुद से कोई भी कार्य नहीं कर सकता इसलिए इसे डिपेंडेंट माना गया है

 

4.   कंप्यूटर के उपयोग(Uses of Computer)

1. Research and Development(R&D)अनुसंधान और विकास

2. Business(व्यवसाय)

3. Banking(बैंकिंग )

4. Education(शिक्षा)

5. Government(सरकारी )

6. Healthcare(स्वास्थ्य देखभाल)

7. Aggriculture(कृषि)

8. Railway Reservation(रेलवे आरक्षण)

9. At Home(घर )

 

5.   कम्प्यूटर का वर्गीकरण(Classifications of Computer ):-

आजकल विभिन्न प्रकार के कंप्यूटर उपलब्ध है जिनको उनके उद्देश्य, आकार और क्षमता और टेक्नोलॉजी के आधार पर भिन्न-भिन्न भागों में बांटा गया है

 

मुख्यतः तीन आधारों के अनुसार कंप्यूटर को वर्गीकृत किया जा सकताहै

                                 

1.   Purpose Base (उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर का वर्गीकरण )

2.   Technology Base (टेक्नोलॉजी के आधार पर कंप्यूटर का वर्गीकरण)

3.   Size and Capacity Base( आकार और क्षमता के आधार पर कंप्यूटर का वर्गीकरण)


1. Purpose Base Computer (उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर का वर्गीकरण ) :-उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर को दो भागों में विभाजित किया गया है

1. General Purpose Computer (सामान्य उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर)

2. Special Purpose Computer  (विशेष उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर)

 

1.   General Purpose Computer (सामान्य उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर):-सामान्य उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर सामान्य कार्य जैसे किWord Processing , Gaming, Presentations and Record maintenance इत्यादि के लिए प्रयोग किया जाता है यह मुख्यत घर, कार्यालयों, स्कूलों में उपयोग किया जाता है सामान्य प्रयोजन कंप्यूटर जैसा कि नाम से पता चलता है कि यह बहुत सी सामान्य कार्य के लिए उपयोग किया जाता है न कि किसी विशिष्ट एप्लिकेशन के लिए।

I) प्रथम सामान्य प्रयोजन कंप्यूटर - ENIAC

Ii)सामान्य प्रयोजन के कंप्यूटर के उदाहरण हैंलैपटॉपऔर डेस्कटॉप कंप्यूटर

 

2.   Special Purpose Computer  (विशेष उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर):-

स्पेशल पर्पस कंप्यूटर जैसा कि नाम से पता चलता है कि यह एक विशिष्ट कार्य के लिए उपयोग किया जाता है।जैसे कि Space Research(अंतरिक्ष अनुसंधान), Weather forecasting(मौसम की भविष्यवाणी), Defense research (रक्षा अनुसंधान ) आदि गतिविधियों के लिए उपयोग में लाए जाते हैं

Special Purpose computer example(उदाहरण);- ATM , Banking Computers, Railway Reservation Computers, Aircraft controller computers.

 

1.   Technology Based Computer (प्रौद्योगिकी के आधार पर):-

टेक्नोलॉजी बेस कंप्यूटर तीन प्रकार के होते हैं

1. Digital Computer (डिजिटल कंप्यूटर)

2. Analog Computer (एनालॉग कंप्यूटर)

3. Hybried Computer (हाइब्रिड कंप्यूटर)

 

1. Digital Computer(डिजिटल कंप्यूटर): - (1945)

1.                 डिजिटल सिग्नल


2.                 डिजिटल कंप्यूटर बाइनरी नंबर (0,1)सिस्टम पर काम करता है

3.   पहला डिजिटल कंप्यूटर - ENIAC (इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रेटर एंड कंप्यूटर)-1945. ENIAC Computer-जॉन मौचली और जे.प्रेस्पर एकर्ट द्वारा डिज़ाइन किया गया

4.                 उदाहरण:-आई बी एम पी सी, एप्पल मैकिंटोश।

 

2.Analog Computer(एनालॉग कंप्यूटर):-(1930)

1.        एनालॉग सिग्नल


2.      एनालॉग कंप्यूटर निरंतर मूल्यों के साथ काम करता है

3.     पहला एनालॉग कंप्यूटर (1930) द्वारा डिजाइन किया गया- वेलेवर बुश, मिहेलो                           पेट्रोविक अलास।

4.      एनालॉग कंप्यूटर की गति डिजिटल गणना से कम होतीहै।

5.       उदाहरण:- स्पीडोमीटर, एनरीमीटर, मैकेनिकल इंटीग्रेटर्स,                                                           ऑपरेशनल एम्पलीफायर्सआदि

3. Hybride Computer(हाइब्रिड कंप्यूटर):-

 

1.       हाइब्रिड कंप्यूटर एनालॉग और डिजिटल कंप्यूटर सुविधाओं का                                                   संयोजन हैं।


                           +

2.         पहला हाइब्रिड कंप्यूटर(1961)- हाइकॉम्प 250 काआविष्कार                                                  पैकार्ड बेल ने कियाथा

3.      हाइब्रिड कंप्यूटर के उदाहरण हैं- अल्ट्रासाउंडमशीन, सीटी-स्कैन   मशीन।

 

     3.  Size and Capacity Base( आकार और क्षमता के आधार पर कंप्यूटर का वर्गीकरण)

 

            1.         सुपरकंप्यूटर (नंबरक्रंचर्स)Super Computer (Number Crunchers):-


i). सुपर कंप्यूटर का उपयोग गणितीय गणना, वैज्ञानिक समस्या को हल                     करने                के लिए किया जाताहै

Ii). पहला सुपर कंप्यूटर – CDC6600 (कंट्रोल डेटा कॉर्पोरेशन)सीमोर क्रे                                           द्वारा डिज़ाइन किया गया

Iii). सुपर कंप्यूटर का उपयोगमौसम पूर्वानुमान, जलवायु अनुसंधान, तेल               और                  गैस अन्वेषण के लिए किया जाता है।

Iv). सुपर कंप्यूटर के प्रदर्शन (Processing power)को FLOPS में मापा                                            जाता है- (फ्लोटिंग पॉइंट ऑपरेशंस प्रतिसेकंड)

 

2. मेनफ्रेमकंप्यूटर (1943):-


I). मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग बल्क डेटा प्रोसेसिंग और महत्वपूर्ण एप्लिकेशन-जैसे         (बैंकिंग, एटीएम, वित्तीयलेनदेन, शिक्षासंस्थान) के लिए     किया जाता है।

Ii). पहला सुपरकंप्यूटर - हार्वर्डमार्क I हॉवर्डएकेन (आई बी एम)द्वारा   डिज़ाइन किया गया-

3. मिनीकंप्यूटर:-


I). मिनी कंप्यूटर मध्यम शक्ति के कंप्यूटर हैं (मेनफ्रेम से कम और माइक्रो    कंप्यूटर से अधिक)

ii). पहला सुपर कंप्यूटर - PDP-1 (प्रोग्राम्ड डाटा प्रोसेसर), DEC (डिजिटल      उपकरण निगम) द्वारा डिज़ाइन किया गया

 

4. माइक्रोकंप्यूटर (पीसी):-


I)  माइक्रो कंप्यूट आकार में छोटे होते हैं और इन्हें पीसी- पर्सनल कंप्यूटर      भी कहा जाता है

ii) माइक्रो कंप्यूटर में माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग किया जाता है-         माइक्रोप्रोसेसर एक IC चिप है जो ALU (अरिथमेटिक लॉजिकल यूनिट) और         CU (कंट्रोलयूनिट) का संयोजनहै।

        


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